हरी नाम की माला जपले पल की खबर नहीं भजन लिरिक्स (kirshna bhajan lyrics)

हरी नाम की माला जपले पल की खबर नहीं भजन लिरिक्स
हरी नाम की माला जपले पल की खबर नहीं भजन लिरिक्स

हरी नामकी माला जपले,
पल कीखबर नहीं,
पल कीखबर नहीं,
अंतर्घट मन कोमथले,
पल कीखबर नहीं,
पल कीखबर नहीं,
हरि नामकी माला जपलें,
पल कीखबर नहीं,
पल कीखबर नहीं।।
नाम बिनाये तेरा,
जीवन अधूराहै,
घाटा सत्संगबिना,
होता नहींपूरा है,
तेरी बीतीउमरिया सारी,
पल कीखबर नहीं,
पल कीखबर नहीं,
हरि नामकी माला जपलें,
पल कीखबर नहीं,
पल कीखबर नहीं।।
रिश्तेदार सारे यहाँ,
मतलब केयार है,
क्यों मुंह लगानाये तो,
झूठा संसारहै,
प्रभु नाम सेप्रीत लगाले,
पल कीखबर नहीं,
पल कीखबर नहीं,
हरि नामकी माला जपलें,
पल कीखबर नहीं,
पल कीखबर नहीं।।
पर उपकारकरे जो,
सच्चा इंसान है,
नाम प्यालाजिसने,
पिया वोमहान है,
उसकी सतगुरुकरे रखवाली,
पल कीखबर नहीं,
पल कीखबर नहीं,
हरि नामकी माला जपलें,
पल कीखबर नहीं,
पल कीखबर नहीं।
कितना प्यारा तनये तेरा,
प्रभु ने बनायाहै,
माया धनसुख में तूने,
नाम कोभुलाया है,
गुरु शरण भूल सुधारी,
पल कीखबर नहीं,
पल कीखबर नहीं,
हरि नामकी माला जपलें,
पल कीखबर नहीं,
पल कीखबर नहीं।।
कर्मकाण्ड सारे बिना,
नाम केबेकार है,
सेवावृत सुमिरन प्रभु,
मिलन केद्वार है,
हरी नामको तू अपनाले,
पल कीखबर नहीं,
पल कीखबर नहीं,
हरि नामकी माला जपलें,
पल कीखबर नहीं,
पल कीखबर नहीं।।
हरी नामकी माला जपले,
पल कीखबर नहीं,
पल कीखबर नहीं,
अंतर्घट मन कोमथले,
पल कीखबर नहीं,
पल कीखबर नहीं,
हरि नामकी माला जपलें,
पल कीखबर नहीं,
पल कीखबर नहीं।।

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